व्यक्ति हमेशा सफल हो , यह हर बार जरूरी नहीं होता । कभी कभी हम असफल भी हो जाते हैं ।यह फंडा जिन्दगी में ,नौकरी या कारोबार तीनों में लागू होता है। मगर आप शायद जानते भी होंगे कि कई बार असफल होने का कारण हम स्वयं ही होते हैं। इसलिए इस तरह के सिचुएशन में हम अपनी मदद खुद ही कर सकते हैं। खुद के अलावा दूसरा कुछ नहीं कर सकता है।
जब कभी इस प्रकार का सिचुएशन आये तो उससे बाहर निकलने का सबसे बढिय़ा तरीका है कि हम अपने खुद से ही प्रश्न करें। अगर बार बार असफल हो रहे हैं तो खुद से सवाल करें। यही प्रश्न बिपरीत परिस्थितियों से निजात दिलाने में आपकी मदद करेंगे। ये प्रश्न ऐसे तो नहीं हैं कि आप का सबकुछ बदल जाय, मगर बहुत कुछ बदल ही जायेगा।
आप खुद से ही सवाल करें कि "क्या आप अपने काम से खुश हैं "--
यह सवाल आप को यह मदद करेगा कि आप जो काम कर रहे हैं, वह सही है या नहीं। तथा उसे छोड़ देना चाहिए या जारी रखना चाहिए। आदमी जिस काम को करता है , उससे यदि वह स्वयं खुश नहीं है तो उसमें सफलता की गुंजाइश न के बराबर है।
क्या मैं कुछ नया सीख रहा हूँ या नहीं ---
इस प्रकार के प्रश्न अपने से पूछने पर हम यह जान पाते हैं कि जो प्रीजेन्ट समय में काम कर रहे हैं उस काम से भविष्य में आगे बढ़ पायेंगे अथवा नहीं। क्योंकि सीखने वाला ही हमेशा ऊँचे मुकाम पर तक जाता है।
क्या मैं अपने मौजूदा काम से अच्छी कमाई कर रहा हूँ या नहीं ---
इस प्रश्न से आप जान सकते हैं कि आप अपने मौजूदा से खुश हैं या नहीं और कितने संतुष्ट हैं।साथ ही साथ आप अपनी क्षमताओं का विश्लेषण करके सही जाब या बिजनेस ढूंढ सकते हैं ।
क्या अपने कर्मचारियों के साथ सम्बन्ध अच्छा है ---
ऐसे प्रश्न जब आप करेंगे और उसका विश्लेषण सही सही करेंगे तो यह जान सकते हैं कि ऐसा तो नहीं कि उन्हीं के चलते असफलता मिल रही है।
क्या मेरे साथ वालों के साथ मेरा संबंध अच्छा है ---
इस तरह के प्रश्न के द्वारा आप जान सकते हैं कि मौजूदा काम को जारी रखूँ या बदल दूँ ।
जिस काम कर रहा हूँ क्या उसके योग्य हूँ ---
यह प्रश्न बहुत ही विशेष है, क्योंकि अपने बारे में खुद से बेहतर कोई नहीं जानता। इससे इतना तो जान सकते हैं कि जो काम हम कर रहे हैं, वह हमारे लिए सही है या नहीं। फिर भी यदि आप को महसूस हो कि कहीं न कहीं हम पुरी क्षमता के साथ इस काम को नहीं कर पा रहा हूँ तो अपनी जगह ऐसे लोगों को रखें जो आप की कमी पूरी कर सके।
क्या मौजूदा काम के लिए मेरा अनुभव है या नहीं ---
यह भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न है ,और इसे अपने आप से जरूर करना चाहिए।इससे अपने काम को करने में आनन्द आता है, और अपनी योग्यता के अनूरूप अपनी जाब ढूँढ़ सकते हैं, या फिर यह तय कर पायेंगे कि इस काम को करते रहेंं या छोड़ दें।
ये सब प्रश्न दिखने में तो बहुत ही मामूली से हैं, पर यदि हम सही और ईमानदारी के साथ विश्लेषण करते हैं तो काफी हद तक असफलता से बच सकते हैं ।
जब कभी इस प्रकार का सिचुएशन आये तो उससे बाहर निकलने का सबसे बढिय़ा तरीका है कि हम अपने खुद से ही प्रश्न करें। अगर बार बार असफल हो रहे हैं तो खुद से सवाल करें। यही प्रश्न बिपरीत परिस्थितियों से निजात दिलाने में आपकी मदद करेंगे। ये प्रश्न ऐसे तो नहीं हैं कि आप का सबकुछ बदल जाय, मगर बहुत कुछ बदल ही जायेगा।
आप खुद से ही सवाल करें कि "क्या आप अपने काम से खुश हैं "--
यह सवाल आप को यह मदद करेगा कि आप जो काम कर रहे हैं, वह सही है या नहीं। तथा उसे छोड़ देना चाहिए या जारी रखना चाहिए। आदमी जिस काम को करता है , उससे यदि वह स्वयं खुश नहीं है तो उसमें सफलता की गुंजाइश न के बराबर है।
क्या मैं कुछ नया सीख रहा हूँ या नहीं ---
इस प्रकार के प्रश्न अपने से पूछने पर हम यह जान पाते हैं कि जो प्रीजेन्ट समय में काम कर रहे हैं उस काम से भविष्य में आगे बढ़ पायेंगे अथवा नहीं। क्योंकि सीखने वाला ही हमेशा ऊँचे मुकाम पर तक जाता है।
क्या मैं अपने मौजूदा काम से अच्छी कमाई कर रहा हूँ या नहीं ---
इस प्रश्न से आप जान सकते हैं कि आप अपने मौजूदा से खुश हैं या नहीं और कितने संतुष्ट हैं।साथ ही साथ आप अपनी क्षमताओं का विश्लेषण करके सही जाब या बिजनेस ढूंढ सकते हैं ।
क्या अपने कर्मचारियों के साथ सम्बन्ध अच्छा है ---
ऐसे प्रश्न जब आप करेंगे और उसका विश्लेषण सही सही करेंगे तो यह जान सकते हैं कि ऐसा तो नहीं कि उन्हीं के चलते असफलता मिल रही है।
क्या मेरे साथ वालों के साथ मेरा संबंध अच्छा है ---
इस तरह के प्रश्न के द्वारा आप जान सकते हैं कि मौजूदा काम को जारी रखूँ या बदल दूँ ।
जिस काम कर रहा हूँ क्या उसके योग्य हूँ ---
यह प्रश्न बहुत ही विशेष है, क्योंकि अपने बारे में खुद से बेहतर कोई नहीं जानता। इससे इतना तो जान सकते हैं कि जो काम हम कर रहे हैं, वह हमारे लिए सही है या नहीं। फिर भी यदि आप को महसूस हो कि कहीं न कहीं हम पुरी क्षमता के साथ इस काम को नहीं कर पा रहा हूँ तो अपनी जगह ऐसे लोगों को रखें जो आप की कमी पूरी कर सके।
क्या मौजूदा काम के लिए मेरा अनुभव है या नहीं ---
यह भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न है ,और इसे अपने आप से जरूर करना चाहिए।इससे अपने काम को करने में आनन्द आता है, और अपनी योग्यता के अनूरूप अपनी जाब ढूँढ़ सकते हैं, या फिर यह तय कर पायेंगे कि इस काम को करते रहेंं या छोड़ दें।
ये सब प्रश्न दिखने में तो बहुत ही मामूली से हैं, पर यदि हम सही और ईमानदारी के साथ विश्लेषण करते हैं तो काफी हद तक असफलता से बच सकते हैं ।
No comments:
Post a Comment