Tuesday, 17 October 2017

Solid and good profitable business

          यदि आप बेरोजगार हैं और कुछ नया तथा बढियाँ कार्य करने के बारे में सोच रहे हैं तो यह लेख अवश्य पढ़ें। आप के लिये इस बिज़नेस में बेहतरीन अवसर है। IRCTC में रजिस्ट्रेशन  करा कर अच्छी कमाई कर सकते हैं। इसमें किसी तरह के धोखाधड़ी की नाममात्र की भी गुंजाइश नहीं है। क्योंकि यह यह भारत सरकार के रेल मंत्रालय का ही एक विभाग है। इसकी आप एजेंसी खोल कर अपनी बेरोजगारी दूर कर सकते हैं। इसमें आपको इन्वेस्टमेंट भी बहुत नाममात्र का करना होगा। आई आर सी टी सी की ई -टिकटिंग वेबसाइट से रोजाना हजारों की संख्या में टिकटों की बुकिंग होती है। आप इसका ऑर्थराइजड एजेंसी खोल कर कमाई कर सकते हैं। इस काम में आपको 10  रुपये स्लीपर और 20  रूपये ए सी क्लास के मिलते हैं। यानि जीतनी ज्यादा बुकिंग उतनी ज्यादा कमाई। 
        एजेंसी पाने के लिए आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको erail.in पोर्टल पर जाना होगा।  यहाँ पर आपको अपनी डिटेल भरनी होगी ,और फिर रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद सम्बंधित अधिकारी आपसे संपर्क करेंगे। टिकट बुकिंग एजेंसी शुरू करने के लिए आपको 30 हजार रूपये ( 20 हजार रिफंडेबल ) वन  टाइम रजिस्ट्रेशन फ़ीस भी भरनी होगी। 
      दूसरा एक तरीका है की CSC( register.csc.gov.in) के इस्तेमाल का।  यहाँ पर पहले आपको रजिस्टर्ड यूजर बनाना होगा।  लॉगिन करने के बाद आपको सर्विस कालम में जाकर IRCTC टाइप करना होगा। टाइप करते ही आपके सामने  IRCTC Registration का लिंक आएगा।  उस पर क्लिक करते ही एक नया वेब पेज खुल जायेगा।  जिस पर आपको IRCTC Agent Registration Form का लिंक खुल जायेगा।  जिसमे आपको अपनी जरुरी जानकारी भरकर एप्लिकेशन फीस भरनी होगी। 
     IRCTC का रजिस्टर्ड एजेंट बनने के लिए आप को प्रमाण पत्र के रूप में पैन कार्ड जो बैंक मैनेजर ,गजटेड ऑफिसर द्वारा अटेस्टेड ), एड्रेस  प्रूफ (ये भी उसी तरह अटेस्टेड हो ) ,पासपोर्ट ,ड्राइविंग लाइसेंस , नवीनतम उपयोगिता बिल (टेलीफोन ,बिजली ,पानी ,एल आई सी की रसीद ) ये सब 2  महीने से अधिक पुराने न हों,राशन कार्ड ,वोटर आई डी ,बैंक अकाउंट (दो महीने से अधिक पुराना नहीं ), टैक्स कॉपी ,वैट पंजीकरण प्रमाणपत्र ,गैस कनेक्शन दस्तावेज ,सम्पति कर ,नगरपालिका कर  जैसे दस्तावेज लगेंगे। इसके अलावा आपको मोबाइल नंबर (वेरिफिकेशन के लिए जरुरी ),2 फोटो पासपोर्ट साइज ,जमा करने होंगे।  IRCTCकी टीम ,अप्लीकेशन फॉर्म ,रजिस्ट्रेशन फॉर्म और रजिस्ट्रेशन फीस मिलने के बाद आपसे संपर्क करेगी।  फिर के वाई सी सब्मिशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। के वाई सी के बाद ई -टोकन क्रिएट होगा  और फिर ई -मेल ,मोबाइल नंबर और शॉप अड्रेस का वेरिफिकेशन होगा , इसके बाद एक ओ टी पी  भेजा जायेगा ,जिससे IRCTC सर्विस असाइन की जाएगी। फिर आपको एक ट्रेनिंग और वेलकम किट मिल जायेगा और आप अपना काम शुरू कर सकते हैं। 
      इस टिकट बुकिंग एजेंसी से आप और भी फायदे उठा सकते हैं।  आप अनलिमिटेड टिकटों की बुकिंग कर सकते हैं।  आप अर्थराइज़्ड टिकट बुक करेंगे जिनके कैंसल होने का कोई डर नहीं होगा , साथ ही आप तत्काल टिकट जनरल ओपनिंग टाइम के आधे घंटे बाद भी बुक कर सकेंगे। इन सबके अलावा फ्लाइट बुकिंग ,बस बुकिंग कैब बुकिंग टैक्सी,टैक्सी बुकिंग ,होटल बुकिंग ,IRCTC कस्टमाइज़्ड टूर पैकेज ,डोमेस्टिक मनी ट्रांसफर ,और मोबाइल।,डी टी एच रिचार्ज -वन सिम आल रिचार्ज जैसी कॉम्प्लिमेंट्री सर्विस भी आप को अपने अकाउंट के साथ मिल जाएगी। 
                तत्काल टिकट बुक करें सिर्फ 30 सेकंड में 
    सभी लोग इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं की सुबह सुबह बहुत कम समय के लिए खुलने वाली तत्काल टिकट बुकिंग कितना मुश्किल काम होता है।  जरा सा भी देरी से आप टिकट पाने से बंचित हो जाते हैं। जो जितना फ़ास्ट होगा वही कन्फर्म तत्काल टिकट पायेगा। इन सब परेशानियों के देखते हुए बाय हटके डॉट काम तत्काल बुकिंग के लिए तत्काल फार श्योर नाम का एक्सटेंशन लाया है। जिसका प्रयोग करके आप बहुत ही कम समय में तत्काल टिकट बुक कर सकते हैं। 
    इसके लिए गूगल में जाकर तत्काल फॉर श्योर  ब्राउज़र एक्सटेंशन सर्च करिये। फिर फायर फॉक्स या क्रोम एक्सटेंशन स्टोर पर जाइये ,और इसे ऐड टू क्रोम  पर क्लिक करिये। कुछ ही देर में यह एक्सटेंशन ब्राउज़र में ऐड हो जायेगा ,फिर इसे अलाउ कर दीजिये। 
   फिर ब्राउज़र में तत्काल फॉर श्योर एक्सटेंशन पर क्लिक करिये। एक नयी विंडो खुल जाएगी ,जिसमे चार ऑप्शन दिए होंगे। जिसमे पहला irctc का होगा। यहाँ पर अपना IRCTCलाग् इन पासवर्ड डालकर प्रोसीड करिये। 
    सेकंड पेज पर यात्रा की डिटेल यानि कहाँ से कहाँ तक और कब यात्रा करनी है ,इसे भरिये। 
     इसके बाद अगले पेज पर पैसेंजर इनफार्मेशन का विकल्प आएगा ,उसमे यात्रा करने वालों की डिटेल भरना है। इसके अगले और लास्ट पेज पर पेमेंट इनफार्मेशन का ऑप्शन होगा ,जहाँ पर आप नेट बैंकिंग ,डेबिट कार्ड या फिर पेमेंट वॉलेट का विकल्प चुन सकते हैं। इसके बाद बुक नाउ पर क्लिक  कीजिए। 
   तत्काल फॉर श्योर एक्सटेंशन क्रोम और फायर फॉक्स ब्राउज़र पर चलता है। इसे डेस्कटॉप के साथ साथ मोबाइल ब्राउज़र पर भी ऐड किया जा सकता है। 
    तत्काल टिकट बुक करने के लिए बुकिंग समय यानि कि 10 बजे या फिर 11 बजे से कुछ पहले तत्काल फॉर श्योर पेज पर जाना होगा ,फिर यात्रा से जुडी डिटेल भरकर तैयार रखनी होगी। तत्काल का बुकिंग टाइम शुरू होते ही आपको अंतिम पेज पर बुक नाउ पर क्लिक करना होगा। इसके बाद यह ऑनलाइन टूल अपने आप सारा काम करेगा , यानि  की आप द्वारा भरी गयी जानकारी के अनुसार यह ट्रैन और बर्थ  का चुनाव करेगा और पेमेंट प्रोसीड करेगा , और आपका तत्काल टिकट बुक हो जायेगा। इस एक्सटेंशन द्वारा टिकट बुकिंग में एक मिनट से भी कम का समय लगता है। 

Sunday, 15 October 2017

computer assembling ( business of low capital )

                                               कम  पैसों का शानदार बिजनेस 
  हमेशा  हम कम पूँजी  होने का रोना रोते हैं ,यदि वास्तव में हम कुछ करना चाहते हैं तो रास्ते अपने आप ही मिल जाते हैं। आज हम जानेंगे की कम पैसों में ज्यादा मुनाफा कैसे कमाया जा सकता है। 
   सबसे पहले मैं  आपको एक छोटा सा उदहारण दे रहा हूँ।  आप और सभी लोग जानते हैं की यह समय टेक्नोलॉजी का है। जिसमे सबसे ज्यादा प्रयोग मोबाइल का किया जा रहा है। प्रायः अमीर हो गरीब ,औरत हो मर्द सबके हाथ में मोबाइल देखा जा सकता है। यह एक तरह से हम सबके जिंदगी का एक हिस्सा बन गया है। अब तो बिना इसके बहुत से लोगों को बेचैनी होने लगती है। यह शायद आधुनिक खोजों में सबसे जानदार खोज है।
    सभी जानते हैं जो चीज जब चलेगी तो ख़राब भी होगी। ख़राब होने के बाद उसे रिपेयर भी करवाना पड़ता है। जिसे कोई जानकार ही कर सकता है। हममें  से बहुत से लोग पढ़ लिख कर बड़े शहरों या विदेशों में जा रहे हैं। जहाँ जाने के लिए भारी रकम खर्च करते हैं। जाने के बाद जब सच्चाई सामने आती है तब अफ़सोस करते हैं।  मुझे उन बेरोजगारों से कहना है कि बहुत ही कम खर्च में मोबाइल रिपेरिंग का कार्य सीखा जा सकता है। जिसे सीख कर आप अपना खुद का मोबाइल शॉप खोल सकते हैं ,जिसमें रिपेयरिंग से लेकर न्यू मोबाइल सेलिंग कर सकते हैं।
      आप जब एक बार ग्राहकों का विश्वास जीत लेंगे फिर आपका एक बढ़िया सा कारोबार चल पड़ेगा। इसमें मेन बात है की आप ग्राहकों का विश्वास जीतेंगे कैसे , तो उसका एक आसान फार्मूला है ईमानदारी। 
     जैसे मान लीजिये आपने रिपेयरिंग का कोर्स कर के शॉप खोल ली। आपके पास कोई कस्टमर आता है कि भाई मेरे मोबाइल का डिस्प्ले काम नहीं कर रहा है ,अब आपका कार्य शुरू होता है कि मोबाइल को चेक करके उसकी कमी बतायें। यहाँ पूरी ईमानदारी बरते कि यदि वास्तव में उसका डिस्प्ले बदलना होगा या आप उसे किसी अन्य तरीके से ठीक कर सकते हैं। जो भी करें उसे साफ साफ ग्राहक को बता दें। यदि किसी पार्ट को लगा रहा हैं तो भी ग्राहक को बतायें की भाई यह पार्ट इतने पैसे का है जिसे आप खुद लाकर मुझे दे दें और मैं इसे लगा दूँगा , हाँ मेरी सर्विस चार्ज मुझे दे दीजियेगा। यकीन मानिये अगली बार वह ग्राहक निश्चित तौर पर आपके ही शॉप पर आयेगा ,चाहे उसे रिपेयरिंग करानी हो या नया कोई चीज खरीदना हो। जैसे जैसे आपकी आय बढ़े आप अपने शॉप का ब्रांचेज बढ़ा सकते हैं ,और आप देखेंगे कि कुछ ही दिनों में यही छोटा सा कारोबार कैसे बड़ा बन गया। 
          अब आते हैं थोड़े बड़े बिजनेस पर  ( कम्प्यूटर असेम्ब्लिंग  बिजनेस )
      इस  बिजनेस को भी कम पैसों में शुरू किया जा सकता है, और अच्छी कमाई की जा सकती है। इसके लिए सरकारी सहायता भी मिल रही है। सरकार के मुद्रा स्कीम के अंतर्गत इस बिजनेस के लिए 70 % तक आर्थिक सहायता मिल जाती है। यदि आपके पास 2 लाख रूपये हों तो इसे आसानी से शुरू किया जा सकता है। कंप्यूटर असेम्ब्लिंग  बिजनेस के लिए सरकार ने जो स्ट्रक्चरिंग की है उसके अनुसार सभी खर्चों को काटने के बाद सालाना लगभग 3 लाख रूपये कमाया जा सकता है। बिजनेस स्टार्ट करने के लिए पूरा खर्च 8 सें 9 लाख रूपये तक होगा। इसमें मुख्य खर्च है किराये का भवन या जमीन और हर तरह की मशीनरी जो लगभग 1 लाख रुपये के आसपास होती है। 
       वर्किंग पूँजी में लगभग 8  से 9  लाख खर्च होंगे जिसमें सभी तरह के रॉ मैटेरियल जैसे  मदरबोर्ड ,ए टी एक्स  कैबिनेट ,माउस ,की बोर्ड ,मॉनिटर और लेबर की मजदूरी ,पैकेजिंग ,बिजली का बिल ,मकान या जगह का किराया ट्रांसपोर्टिंग इत्यादि का खर्च शामिल है। 
      इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको अपने पास से लगभग 270000 रूपये लगाने पड़ेंगे। यह पुरे प्रोजेक्ट के पूंजी का 30 % है।  बाकि 70 % रकम आपको बैंक से लोन के रूप में मिल जायेगा। 
                   इस तरह होगा आपको लाभ 
   कास्ट ऑफ प्रोडक्शन    92 . 82  लाख रूपये सालाना 
    बिक्री                              1 . 04 करोड़ रुपये सालाना 
     ग्रास प्रॉफिट                  9 . 13 लाख रूपये सालाना 
     नेट प्रॉफिट                   3 . 01 लाख रूपये सालाना 
            इस तरह से देखा जाय तो आपका सारा इन्वेस्टमेंट की हुयी रकम 3 साल में निकल जाएगी। चूँकि कम्प्यूटर की डिमांड घटने के बजाय बढ़ ही रही है इसलिये यह बिजनेस एक फायदे का बिजनेस हो सकता है। 
      कम्प्यूटर असेम्ब्लिंग का बिजनेस शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आप किसी भी बैंक में अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक फार्म भरना होगा जिसमें अपना नाम ,पता ,बिजनेस एड्रेस ,अपना शिक्षा ,मौजूदा इनकम और कितना लोन चाहिए  आदि की जानकारी देनी होगी।  इसमें किसी तरह की प्रोसेसिंग फीस या गारंटी फीस नहीं देनी होती है।  इसमें जमीन या भवन का होना जरुरी है , भले ही वह किराये का ही क्यों ना हो।  जिसका किराया वर्किंग कैपिटल में जोड़ा गया है। 

रंग भरें अपने सपनों में

मित्रों कहावत है कि यदि अमीर बनना है तो आप को अपना खुद का कोई भी बिजनेस करना चाहिए। क्योंकि गरीब परिवार में पैदा होना अपनी गलती नहीं है, परन्तु गरीबी में ही रहकर मर जाना , यह अपनी गलती है।  ईश्वर किसी को भी किसी चीज के लिए विशेष रूप से नहीं है बनाया है। गरीबी में रहना यह बताता है कि हमने समुचित प्रयास नहीं किया। प्रायः हममें में से बहुतों ने अपना खुद का कारोबार शुरू कर के आज कर्ज के भँवर जाल में फसें पड़े हैं। इतना अवश्य जान लें कि बिना पूरी इमानदारी से किया गया कोई भी कार्य कभी सफल नहीं होता। अमीर तो हर कोई बनना चाहता है, मगर बहुत कम ही लोग हैं जो पूरी इमानदारी और एक बेहतर योजना के साथ कोई बिजनेस शुरू करते हैं। किसी भी बिजनेस या कारोबार के लिए क्वालिटी का होना बहुत ही जरूरी है और क्वालिटी सिर्फ इमानदारी से ही संभव है। आज बाजार में हद से ज्यादा प्रतियोगिता का बोलबाला है, इसलिए यदि बाजार में लंबे समय तक टिकना है तो क्वालिटी से समझौता न करें।
     बिजनेस चाहे छोटा हो या बड़ा, शुरू करने के लिए पूँजी की जरूरत होती है। बिना पूँजी के बिजनेस के बारे में सोचना ही व्यर्थ है। हमारे देश में तमाम लोग ऐसे हैं जिनमें हुनर और जज्बा कूट कूट कर भरा है, उनकी बिजनेस प्लानिंग भी लाजवाब है, मगर पैसों की तंगी के चलते कोई कार्य शुरू नहीं कर पाते।बैंक भी उनको कर्ज देने में हीलाहवाली करते हैं। मजबूरन वे अपने घर बार छोड़ कर शहरों और विदेशों की ओर पलायन करते हैं। ऐसे में उन्हें यदि थोड़ा भी सहयोग मिल जाय तो वे अपना स्वयं का कारोबार खड़ा कर सकते हैं। इसके लिए यदि वे इधरउधर से किसी तरह पैसों का बन्दोबस्त करते हैं तो उन्हें 10% मासिक का ब्याज देना पड़ता है, जो बहुत ही ज्यादा है। इस ब्याज को चुकाने में ही सारी पूँजी समाप्त हो जाती है और कारोबार करने वाला कर्ज के मायाजाल में फँस कर रह जाता है। बैंक तो वैसे भी ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रहते हैं।
     इसलिये आज मैं आपको ऐसी स्कीम बताउंगा जिसमें बहुत ही कम ब्याज पर आप को अपना काम शुरू करने के लिए लोन मिल सकता है। यहाँ ऐसे लोगों को भी लोन मिल सकता है, जिन्हें बैंक अक्सर ऐसी बातों के लिए लोन देने से मना कर देते हैं जिसमें उस व्यक्ति का कोई दोष नहीं होता।
    यह स्कीम  टाटा कैपिटल की है, जिसका नाम सलाम लोन है। इसे विशेष रूप से गरीबों को उनके पैरों पर खड़ा करने के लिए ही लांच किया गया है। इसमें आपको बिजनेस, मेडिकल खर्चे, एजूकेशन या ट्रेनिंग के लिये आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
   इसे प्राप्त करने के लिए आपको सलाम लोन के लिए अप्लाई करना होगा। जिसे आप दो तरफ से कर सकते हैं।
   पहला तरीका है-----   वेबसाइट के माध्यम से
                    वेबसाइट का पता है....Http://drought.in
    इस वेबसाइट पर जाकर नामिनेट सेक्शन में जाना होता है।यहाँ खुद को या किसी और को नामिनेट कर सकते हैं। यदि आप कम्प्यूटर के जानकार नहीं हैं तो किसी दूसरे की मदद ले सकते हैं।इसमें आपको अपनी स्टोरी बतानी होती है।
    दूसरा तरीका है..... SMS के जरिये रजिस्ट्रेशन कराने का।
   इसके लिये आपको SALAAM लिख कर 561615661 नं. पर भेजना होगा।
  term and conditions
     ऐसे लोग जिनकी सालाना आय 3.लाख रुपए से कम हो, इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। आयु सीमा 21.वर्ष से 65.वर्ष के बीच होनी चाहिये। इसमें आपको 25 हजार से लेकर 1.लाख तक का लोन मिल सकता है। जिसका ब्याज दर 9.75% वार्षिक है।
    आपको अप्लाई करने से पहले सभी नियम एवं शर्तो को  अच्छी तरह से पढ़ लेना चाहिए ,जो बहुत ही साफ सुथरे तरीक़े से समझाया गया है ।

Sunday, 1 October 2017

कौन कौन लोग GST वसूल सकते हैं , जाने विस्तार से

  आजकल अपने पूरे देश ( भारत )में गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स ( GST ) लागू हो चुका है। चारों तरफ सिर्फ इसी का बोल बाला है। इसी में बहुत से दुकानदार या होटल या कंपनी वाले धोखाधड़ी भी कर रहे हैं। जिन दुकानदारों को GST वसूलने का अधिकार नहीं है वे भी आम जनता को जानकारी न होने की वजह से  इसे वसूल रहे हैं। सही जानकारी न होने के कारण पब्लिक उनके द्वारा ठगी जा रही है। मैं अपने इस लेख में बताउंगा कि वास्तव में कौन कौन दुकानदार जीएसटी वसूलने का अधिकार रखता है और कौन नहीं। क्योंकि हर दुकानदार को यह अधिकार नहीं है कि वह जीएसटी वसूले, भले ही वह बिल कम्प्यूटर से ही क्यूँ न दे।
    आप सब की जानकारी के लिए मैं बता दूंँ कि केवल वही दुकान वाले जीएसटी वसूल सकते हैं जो अपना रजिस्ट्रेशन जीएसटी में करवायें हों । मगर यह कैसे जानेंगे कि किस दुकानदार ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है और किसने नहीं। तो आप इसका पता आसानी से लगा सकते हैं।
   इसके लिए आपको सिर्फ दो काम करने होंगे। पहला यह कि क्या सम्बन्धित दूकानदार को जीएसटी वसूलने का अधिकार, और दूसरा  क्या वह  सही रेट से जीएसटी ले रहा है?
     मान लें कि आप किसी दूकान में जाकर कुछ खरीदारी करते हैं, तो जो बिल आप को मिलता है उसी में जीएसटी बिल भी जुड़ा होता है ,यदि वह दूकानदार अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है । अब यदि आपको कुछ संदेह हो रहा है तो उसे आप चंद मिनटों में चेक कर सकते हैं। अगर कोई आपसे जीएसटी वसूल रहा है तो उसे आपको बिल जरूर देना चाहिए। इसी बिल पर जीएस टीन (GSTIN) भी दिया होता है। इसी नम्बर से आप जान सकते हैं कि वह दूकानदार, होटल अथवा कंपनी रजिस्टर्ड है या नहीं। इसे आप सरकार की जीएसटी की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं। 
    इसका लिंक है -https://services.gst.gov.in/service/search to
     इस पर आपको पन्द्रह अंकों का जीस टीन नम्बर डाल कर (जो बिल पर छपा होता है ) सर्च करना होगा। फिर उस दूकानदार की सारी डिटेल आप के सामने आ जायेगी।
   जीएस टीन 15अंकों का नम्बर होता है, जो रजिस्ट्रेशन कराने वाले हर दूकानदार को मिला होता है। इसमें अंक और अंग्रेजी के अक्षर होते हैं। जिसके पहले के दो अंक राज्य के कोड होते हैं। अगले 10 नम्बर उस दूकानदार या कंपनी के पैन नंबर होते हैं। इसमें लिखे गये 13 वें नम्बर से यह पता चलता है कि उस दूकानदार या होटल या कंपनी ने कितने रजिस्ट्रेशन करवायें हैं। 14 वाँ नम्बर हमेशा Z होता है। अगर दूकानदार या कम्पनी के दो से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हैं तो Z की जगह वो अंक आ जाता है। 15 वाँ नम्बर चेक कोड होता है जो खामियां पकड़ने के लिये होता है।
    साधारणतया आप को रोजमर्रा की चीजों पर लगने वाले रेट की जानकारी होनी चाहिये, फिर भी यदि आप  को जानकारी नहीं है तो आप इसे सेन्ट्रल बोर्ड आफ एक्साइज एण्ड कस्टम की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं, जिसका लिंक है- -https://cbec-gst.gov.in/gst-goods-service-rates.html
   अब यदि दूकानदार गलत रेट से जीएसटी वसूल रहा हो या बिना रजिस्ट्रेशन के ही जीएसटी लगा रहा हो तो आप इसकी शिकायत सीधे ईमेल से कर सकते हैं।
    ईमेल है --helpdesk@gst.gov.in