आज कल बैंकों और सेविंग्स पर ब्याज दरों में गिरावट की वजह से लोगों का म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट की तरफ झुकाव बढ़ रहा है ।लेकिन इसकी बेसिक जानकारी न होने के कारण बहुत से लोग इसमें इन्वेस्टमेंट करने से परहेज भी करते हैं । जब कि म्यूचुअल फंड में निवेश करना काफी आसान है ।इसमें थोड़ा थोड़ा किया गया निवेश एक दिन काफी बड़ा बन जाता है । अगर देखा जाय तो काफी समय से म्यूचुअल फंड का रिटर्न सबसे अच्छा रहा है । अगर आप इससे लाभ उठाना चाहते हैं ,तो इसके बारे में जान लेना अच्छा है ।
विगत दिनों रिलायंस ग्रोथ फंड की एन ए वी 1000 ₹ के उपर निकली है । केवल 21 साल पहले यह फंड लांच हुआ था ।अगर उस समय जो लोग 1000₹ इसमें लगाये होंगे तो वे आज करोडपति बन गये होंगे । यदि इतना ही पैसा कोई बैंक की एफ डी में लगाये और उसे 8 फीसदी भी ब्याज मिले तो भी उसे एक करोड़ बनने में 60 साल लग जाते ।
अगर कोई 18 साल की उम्र में 1000 ₹ का इन्वेस्टमेंट शुरू करे तो रिटायरमेन्ट की उम्र यानि 58 साल में उसके पास एक करोड़ से कुछ ज्यादा की रकम होगी ,और यदि यही निवेश कोई 28 साल की उम्र में शुरू करे तो रिटायरमेंट की उम्र तक करीब 32 लाख से कुछ ज्यादा होगा । अगर कोई यही निवेश बैंक में करे तो 7 फीसदी की औसत से 40 साल में 25 लाख रुपये और 30 साल में 12 लाख रुपए से कुछ ज्यादा होगा ।इसलिये जानकार हमेशा सलाह देते हैं कि ज्यादा फायदा लेने के लिए और अधिकतम रिटर्न हासिल करने के लिए इन्वेस्टमेंट जल्द से जल्द और लम्बी अवधि तक निवेश करते रहना चाहिए ।
म्यूचुअल फंड दो तरह का होता है ।
(1) इक्विटी - इस फंड में निवेश स्टाक मार्केट में होता है ।
(2) डेट फंड - इसमें बांड या सरकारी सिक्युरिटीज में निवेश होता है ।
हम निवेश तीन तरीकों से कर सकते हैं ।
1- एजेंट के माध्यम से
2- डीमैट एकाउंट से
3- MF कम्पनी से आनलाईन
आप न्यूनतम वनटाइम में 5000 ₹ से निवेश कर सकते हैं ।एक विकल्प है सिप का । इसमें आप 500 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं । सिप का मतलब सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान । इसमें हर महीने निवेश का विकल्प होता है ।आप को हर माह एक निश्चित रकम निवेश करना पड़ता है । इसका फायदा यह है कि इसको कभी भी रोका जा सकता है और दुबारा कभी भी शुरू किया जा सकता है।
निवेश में आज को तीन तरह के विकल्प मिलते हैं ।
(अ) ग्रोथ : इसमें फंड बढ़ता रहेगा ।
(ब) डिविडेंड : इसमें फायदा होने के बाद लाभ का अंश आप को मिलता है ।
(स) डिविडेंड रिइन्वेस्टमेन्ट: जैसा कि नाम से जाहिर है कि जो लाभ आप को मिल रहा है, वह दुबारा निवेश हो जायेगा ।
जब कभी आप अपना निवेश बंद कर देते हैं तो भी आप चाहें तो निवेश में बने रह सकते हैं , या अपनी जरूरत पर कभी भी पैसा निकाल सकते हैं।
म्यूचुअल फंड में निवेश वैसे तो कोशिश लम्बे समय तक का करना चाहिए ।फिर भी यदि आप लम्बी अवधि तक के निवेश के इच्छुक नहीं हैंं तो इसमें कम से कम समय तीन साल तक का होता है ।
अब कैसे जाने कि कौन सा फंड अच्छा है तो इसके लिए आप किसी वित्तीय सलाहकार से मदद ले सकते हैं । आनलाइन रिसर्च कर सकते हैं । लगातार अच्छी रिटर्न वाली योजनाओं को चुन सकते हैं ।
इक्विटी म्यूचुअल फंड में एक साल से ज्यादा इन्वेस्टिड रहने पर होने वाले फायदे पर कोई टैक्स देय नहीं है। एक साल से कम का फायदा इनकम में जुड़ता है और उसी हिसाब से टैक्स लगता है ।
विगत दिनों रिलायंस ग्रोथ फंड की एन ए वी 1000 ₹ के उपर निकली है । केवल 21 साल पहले यह फंड लांच हुआ था ।अगर उस समय जो लोग 1000₹ इसमें लगाये होंगे तो वे आज करोडपति बन गये होंगे । यदि इतना ही पैसा कोई बैंक की एफ डी में लगाये और उसे 8 फीसदी भी ब्याज मिले तो भी उसे एक करोड़ बनने में 60 साल लग जाते ।
अगर कोई 18 साल की उम्र में 1000 ₹ का इन्वेस्टमेंट शुरू करे तो रिटायरमेन्ट की उम्र यानि 58 साल में उसके पास एक करोड़ से कुछ ज्यादा की रकम होगी ,और यदि यही निवेश कोई 28 साल की उम्र में शुरू करे तो रिटायरमेंट की उम्र तक करीब 32 लाख से कुछ ज्यादा होगा । अगर कोई यही निवेश बैंक में करे तो 7 फीसदी की औसत से 40 साल में 25 लाख रुपये और 30 साल में 12 लाख रुपए से कुछ ज्यादा होगा ।इसलिये जानकार हमेशा सलाह देते हैं कि ज्यादा फायदा लेने के लिए और अधिकतम रिटर्न हासिल करने के लिए इन्वेस्टमेंट जल्द से जल्द और लम्बी अवधि तक निवेश करते रहना चाहिए ।
म्यूचुअल फंड दो तरह का होता है ।
(1) इक्विटी - इस फंड में निवेश स्टाक मार्केट में होता है ।
(2) डेट फंड - इसमें बांड या सरकारी सिक्युरिटीज में निवेश होता है ।
हम निवेश तीन तरीकों से कर सकते हैं ।
1- एजेंट के माध्यम से
2- डीमैट एकाउंट से
3- MF कम्पनी से आनलाईन
आप न्यूनतम वनटाइम में 5000 ₹ से निवेश कर सकते हैं ।एक विकल्प है सिप का । इसमें आप 500 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं । सिप का मतलब सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान । इसमें हर महीने निवेश का विकल्प होता है ।आप को हर माह एक निश्चित रकम निवेश करना पड़ता है । इसका फायदा यह है कि इसको कभी भी रोका जा सकता है और दुबारा कभी भी शुरू किया जा सकता है।
निवेश में आज को तीन तरह के विकल्प मिलते हैं ।
(अ) ग्रोथ : इसमें फंड बढ़ता रहेगा ।
(ब) डिविडेंड : इसमें फायदा होने के बाद लाभ का अंश आप को मिलता है ।
(स) डिविडेंड रिइन्वेस्टमेन्ट: जैसा कि नाम से जाहिर है कि जो लाभ आप को मिल रहा है, वह दुबारा निवेश हो जायेगा ।
जब कभी आप अपना निवेश बंद कर देते हैं तो भी आप चाहें तो निवेश में बने रह सकते हैं , या अपनी जरूरत पर कभी भी पैसा निकाल सकते हैं।
म्यूचुअल फंड में निवेश वैसे तो कोशिश लम्बे समय तक का करना चाहिए ।फिर भी यदि आप लम्बी अवधि तक के निवेश के इच्छुक नहीं हैंं तो इसमें कम से कम समय तीन साल तक का होता है ।
अब कैसे जाने कि कौन सा फंड अच्छा है तो इसके लिए आप किसी वित्तीय सलाहकार से मदद ले सकते हैं । आनलाइन रिसर्च कर सकते हैं । लगातार अच्छी रिटर्न वाली योजनाओं को चुन सकते हैं ।
इक्विटी म्यूचुअल फंड में एक साल से ज्यादा इन्वेस्टिड रहने पर होने वाले फायदे पर कोई टैक्स देय नहीं है। एक साल से कम का फायदा इनकम में जुड़ता है और उसी हिसाब से टैक्स लगता है ।
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