Friday, 16 June 2017

One Idea Can Change Your Life

   दुनिया के लाखों युवाओं का सपना होता होता है कि वे सबसे बेहतरीन कंपनियों में शामिल गूगल में नौकरी करें। मगर कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके सपने गूगल से भी बड़े होते हैं। आज हम एक ऐसे युवक की कहानी बता रहे हैं जिनको गूगल की नौकरी भी नहीं रोक पाई। एम बी ए करने के बाद इनको भारी पैकेज पर गूगल में नौकरी मिली , पर अपने सपने को पूरा करने के लिए इन्होंने बहुत जल्द ही उस नौकरी को त्याग दिया और अपना काम शुरू किया ,वह भी समोसे बेचने का. और नाम है बोहरी किचेन। यही नहीं इनको फ़ोर्ब्स जैसी मैगजीन में भी जगह मिली है।
    गूगल में एक सम्मानित पोस्ट पर एम बी ए करने के बाद मुनाफ कपाड़िया को नौकरी मिली। पैकेज भी भारी भरकम मिला था। पर सोच तो कुछ और ही थी। नौकरी के सिलसिले में पुरे दिन घर से बाहर रहते थे ,इसलिए इनकी माता जी (नफीसा )घर पर अकेली रहती थी। वे अपना समय बिताने के लिए दिन भर टी वी के सामने बैठी रहती थीं। अपनी माँ को व्यस्त रखने के लिए मुनाफ के मन में यह ख्याल आया ,और वहीं से बोहरी किचेन का सूत्रपात हुआ। बोहरी समुदाय के कुछ व्यंजन बेहद स्वादिष्ट होते हैं जैसे मटन समोसा ,नरगिस कबाब , डब्बा गोश्त ,कढ़ी चावल वगैरह। अपनी माँ के हाथों के स्वाद को मुनाफ पहले से ही जानते थे ,तो उन्होंने अपने काम की शुरुआत भी यहीं से की।
    मुनाफ एक एम बी ए थे इसलिये उन्होंने सबसे पहले अपने इस आईडिया के पोटेंशियल को परखने का निर्णय लिया। जिसके लिए अपने कुछ परिचितों और उनके दोस्तों तथा लड़कियों के एक ग्रुप को अपने घर आने के लिए किसी तरह राजी किया। इन्हीं लोगों के फीड बैक के आधार पर माँ बेटे ने तय किया कि अब वे अपनी फ़ूड सर्विस शुरू करेंगे।
     माँ बेटे ने इस सर्विस को बोहरी किचेन का नाम दिया। उनकी माँ ने अपने हाथों का कमाल दिखाना शुरू किया और मुनाफ ने उसका प्रचार करना शुरू किया। कुछ दिनों बाद मुनाफ को लगा कि अब उन्हें गूगल की नौकरी छोड़कर अपने किचेन फुल टाइम काम करना चाहिए।
    उनकी स्टोरी इतनी फेमस हो गयी कि फ़ोर्ब्स ने अंडर 30 अचीवर्स की लिस्ट में उनका नाम शामिल कर लिया। उन लोगों का कीमा समोसा और रान को लोगों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल है। बीते एक साल के दौरान उनका टर्न ओवर 50 लाख का रहा है और अगले एक साल में उन्होंने इसे 3 करोड़ तक ले जाने का निर्णय लिया है। वह एक सेन्ट्रल किचेन मेनटेन कर रहे हैं ,जहाँ से लोगों को समोसे तथा अन्य डिश भेजी जाती है। आगे चलकर जब थोड़ा स्थायित्व होने के बाद मुंबई ,दिल्ली ,बेंगलूर और नूयार्क में भी इसकी शाखा खोलने की योजना है।
      काम कोई ख़राब नहीं होता पर उसे पूरी ईमानदारी तथा पुरे मनोयोग से यदि किया जाय तो सफलता पाने में देर नहीं लगती। वैसे भी एक कहावत है आराम चाहिए तो नौकरी करो और यदि लाइफ में धनवान बनाना चाहो तो व्यवसाय।

No comments:

Post a Comment